(N/A) ऑटो-प्रोटोलेसिस का अर्थ है जल का स्वतः-आयनन,जहाँ जल के अणु एक-दूसरे के साथ अभिक्रिया करके आयन बनाते हैं।
इसे निम्नलिखित समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है:
$H_2O_{(l)} + H_2O_{(l)} \rightleftharpoons H_3O^{+}_{(aq)} + OH^{-}_{(aq)}$
महत्व:
ऑटो-प्रोटोलेसिस के कारण,जल उभयधर्मी (amphoteric) प्रकृति प्रदर्शित करता है,जिसका अर्थ है कि यह अम्ल और क्षार दोनों के रूप में कार्य कर सकता है।
यह अपने से अधिक शक्तिशाली अम्लों के साथ क्षार के रूप में और अपने से अधिक शक्तिशाली क्षारों के साथ अम्ल के रूप में कार्य करता है।
उदाहरण:
$1$. अम्ल के रूप में: $H_2O_{(l)} + NH_{3(aq)} \longrightarrow NH_{4(aq)}^{+} + OH^{-}_{(aq)}$
$2$. क्षार के रूप में: $H_2O_{(l)} + H_2S_{(aq)} \longrightarrow H_3O^{+}_{(aq)} + HS^{-}_{(aq)}$